हमारे देश की कुल आबादी लगभग 135 करोड़ से भी अधिक है वित्तीय वर्ष 2018-19 के आंकड़ो के मुताबिक 5.78 करोड़ (4. 28%) इनडिविजयूअलस् ने आयकर रिटर्न भरें और उनमे़ से इनकमटैक्स देने वाले लोगों की संख्या केवल 1.46 करोड़ (1.08%) ही थी। जिनमें 1 करोड़ करदातााओं की आय रू. 5 से 10 लाख के बीच थी, मात्र 46 लाख करदाताओं की आय 10 लाख से अधिक रही। वित्तीय वर्ष 2018-19 में कुल प्राप्तियां 23.15 लाखकरोड़ थी, जिसमें आयकर का हिस्सा 4.73 लाखकरोड़ (लगभग 20.50%) था। वित्तीय वर्ष 2020-21 में देश की कुल प्राप्तियों का अनुमान 30.42 लाख करोड़ है उसमें से आयकर प्राप्तियों का अनुमान 6.18 लाख करोड़ (लगभग 21%) है। इस प्रकार इनकम टैक्स देने वाले नागरिक देश के विकास व संचालन में महत्वपूर्ण योगदान अदा करते हैं।


जो लोग इनकम टैक्स नहीं देते हैं उनमें दो प्रकार के लोग हैं, अधिकतर लोगों की इनकम उस स्तर में नहीं आती है जिसमें इनकम टैक्स देने की आवश्यकता हो जबकि कई लोग विभिन्न प्रकार के तरीकों से अपनी आय को कम दिखाकर इनकम टैक्स के भुगतान से बचते हैं।  यदि गहराई से देखें तो इनकम टैक्स देने वाले लोगों के प्रति सरकारी कर्मियों का रुख केवल यह रहता है कि क्या उसने कोई टैक्स की चोरी तो नहीं की

सरकारी कर्मियों द्वारा कभी भी नागरिकों के इनकम टैक्स की राशि जमा कराने को सकारात्मक तौर पर रिकॉग्नाइज नहीं किया जाता है, इसके कारण लोगों में टैक्स देने को लेकर कोई उत्सुकता नहीं होती है।  अधिकांश लोग निल टैक्स का रिटर्न भरने का प्रयत्न करते रहते हैं। 


सरकार को हर पैन कार्ड पर कितना इनकम टैक्स प्राप्त हो रहा है यह आंकड़े एकदम सटीक तरीके से पता रहता हैं। इनकम टैक्स देने वाले लोगों के मन में एक सकारात्मक भावना व मोटिवेशन हेतु एक विशेष पहल की आवश्यकता है, जैसे बैंक के कार्ड धारकों को एयरपोर्टस् पर फ्री लाउन्ज एक्सेस व अन्य सुविधाएं देते है उसी तर्ज या बेहतर व्यवस्था करके करदाताओं को प्रोत्साहित करना चाहिए। कम से कम करदाता को ई_मेल के जरिये कर की वर्तमान वित्तीय वर्ष व तब तक के कुल दिये गये टैक्स की राशि के साथ धन्यवाद तो ज्ञापित ही करना चाहिए। एक और महत्वपूर्ण व्यवस्था यह हो सकती है कि अच्छे करदाताओं के जीवन में यदि कभी खराब समय आ जाएं तो उस समय सरकार उनकी आर्थिक सहायता करें


ऐसी व्यवस्था बनाने से आयकर देने में नागरिकों को अच्छा फील होगा और अधिक से अधिक नागरिक आयकर देने की कोशिश करेंगे। इससे देश व नागरिक दोनों को ही लाभ होगा।


रघुवीर प्रसाद मीना 


0 Comments

Leave a Reply or Suggestion